संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
शहीद राइफलमैन रंजीत सिंह कश्यप को कोंडागांव में दी गई अंतिम विदाई
कोंडागांव, छत्तीसगढ़: मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद हुए बस्तर के लाल, राइफलमैन रंजीत सिंह कश्यप को कोंडागांव में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्यों और हजारों नागरिकों ने मिलकर 19 सितंबर 2025 को देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले इस जांबाज सैनिक को अंतिम विदाई दी।
बलिदान और सेवा का सफर
33 असम राइफल में पिछले 12 सालों से सेवा दे रहे रंजीत सिंह के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम बालेंगा लाया गया। उनके परिवार में माता-पिता, बहन, पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब पूरे गांव की हो गई है। उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। पूरा गांव “शहीद रंजीत अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
तिरंगे में लिपटकर घर लौटे
शहीद के सम्मान में, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया। उन्हें तिरंगा ओढ़ाकर सलामी दी गई और बाद में तिरंगे को शहीद के अंतिम अधिकार के रूप में उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बस्तर पुलिस के जवानों ने भी गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर जे.पी. पात्रो, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय जगदलपुर के स्टाफ, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह दुखद पल देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है।



