संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
जस्टिस राजपूत ने विवादित स्थल को बताया अनुपयुक्त; मंडी प्रांगण के पीछे की भूमि पर बनी सहमति
उजाला टुडे कोंडागांव 29 नवम्बर 2025- कोंडागांव: बिलासपुर हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के कोंडागांव न्यायालय निरीक्षण के बाद बहुप्रतीक्षित नए न्यायालय भवन के निर्माण स्थल को लेकर चल रहे विवाद का समाधान होता दिख रहा है। जस्टिस राजपूत ने आज जिला अधिवक्ता संघ से चर्चा की और साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन न्यायालय भवन के स्थल का निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान, जस्टिस राजपूत ने हाल ही में स्कूली बच्चों द्वारा किए गए विरोध को गंभीरता से लिया।
🏛️ 5 एकड़ से कम ज़मीन पर ‘सर्वसुविधा युक्त’ न्यायालय बनाना मुश्किल
मौजूदा कलेक्ट्रेट परिसर की ज़मीन पर बन रहे न्यायालय भवन को लेकर हाईकोर्ट के जस्टिस ने स्पष्ट किया कि यह भूमि 5 एकड़ से भी कम है, जिस पर एक सर्वसुविधा युक्त और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायालय भवन का निर्माण कठिन होगा। इस तकनीकी कमी और जनभावनाओं को देखते हुए, स्थल परिवर्तन का बड़ा निर्णय लिया गया।
‘मंडी प्रांगण’ के पीछे की सरकारी ज़मीन अब नया पता
जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने न्यायालय भवन के लिए मंडी प्रांगण के पीछे स्थित खाली सरकारी ज़मीन को सबसे अधिक उपयुक्त बताया है। यह स्थान न केवल बच्चों के विरोध को शांत करेगा, बल्कि न्यायालय के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण फैसले के तुरंत बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश किरण चतुर्वेदी को निर्देश दिए कि वे तत्काल प्रभाव से नए स्थल के भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करें।
अधिवक्ता संघ ने किया स्वागत: ‘बच्चों के हित में उचित कदम’
जिला अधिवक्ता संघ ने भी हाईकोर्ट जस्टिस के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन किया है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि, “बच्चों के शैक्षणिक हितों और क्षेत्र की जनभावनाओं को देखते हुए यह कदम पूरी तरह से उचित और स्वागत योग्य है।”
न्यायालय के इस हस्तक्षेप से कोंडागांव में नए कोर्ट भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जो जल्द ही एक बड़े और विवाद-मुक्त परिसर में आकार लेगा।

