संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में बड़ा हादसा टला: बच्चों से भरी चावरा स्कूल बस गड्ढे में धंसी, अमृत मिशन की लापरवाही आई सामने
उजाला टुडे कोंडागांव 29 जनवरी 2026- कोंडागांव: जिला मुख्यालय के नहरपारा क्षेत्र में आज सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने प्रशासन और अमृत मिशन के ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार सुबह लगभग 7:30 बजे, चावरा स्कूल की बच्चों से भरी बस पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में अचानक धंस गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी भी मासूम को चोट नहीं आई, वरना एक बड़ा मातम पसर सकता था।
लापरवाही का “गड्ढा” और ठेकेदार की मनमानी
अमृत मिशन 2.0 के तहत शहरभर में पाइपलाइन का काम चल रहा है, लेकिन नहरपारा के निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। बिना किसी बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड के रातों-रात मुख्य सड़कों को खोद दिया जाता है। आज सुबह कम दृश्यता के कारण बस चालक को गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा और बस का पिछला हिस्सा उसमें धंस गया।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद नागरिकों ने सूझबूझ दिखाई और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- पूरे कोंडागांव शहर को “गड्ढों का शहर” बना दिया गया है।
- खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं की जा रही है, जिससे धूल और हादसों का खतरा बढ़ गया है।
- प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी न होने से ठेकेदार अपनी मनमानी पर उतारू हैं।
प्रशासन से जवाबदेही की मांग
इस घटना ने शहर के अभिभावकों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। नागरिकों ने नगर प्रशासन और कलेक्टर महोदय से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए और सभी निर्माण स्थलों पर तत्काल सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) सुनिश्चित किया जाए।
संपादकीय टिप्पणी:
अगर समय रहते इन खुले मौत के कुओं को नहीं भरा गया, तो अगली बार कोंडागांव इतना भाग्यशाली नहीं होगा। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?


