संपादक,संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण: कोंडागांव के गांवों में एम्स रायपुर की टीम ने दी दस्तक, ‘टेली-मानस’ से तनाव मुक्ति का मंत्र
उजाला टुडे कोंडागांव 01 मार्च 2026- कोंडागांव: मानसिक विकारों की पहचान और उनके कारणों पर शोध करने के लिए केंद्र सरकार की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ के छह जिलों में वृहद सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में एम्स रायपुर की 10 सदस्यीय विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने कोंडागांव जिले के विभिन्न विकासखंडों का दौरा कर डोर-टू-डोर सर्वे संपन्न किया। निमहंस (NIMHANS) बेंगलुरु के सौजन्य से आयोजित इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों और वयस्कों में बढ़ते मानसिक तनाव, नशे की लत और व्यवहारिक परिवर्तनों का अध्ययन करना है।
कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग का मिला पूर्ण सहयोग
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार, जिले के पांचों विकासखंडों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अधीनस्थ ग्रामों में यह सर्वे किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी और जिला नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉ. आर. के. चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारियों, मितानिनों (आशा) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एम्स की टीम के साथ मिलकर घर-घर जाकर डेटा एकत्रित किया।
क्यों जरूरी है यह सर्वेक्षण?
सर्वेक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. आर. के. चंद्रवंशी ने बताया:
”पूर्ण स्वास्थ्य का अर्थ केवल शारीरिक तंदुरुस्ती नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक सुदृढ़ता भी है। वर्तमान में 13 से 17 वर्ष के बच्चों और वयस्कों में जिद्दीपन, अकेलापन, नशाखोरी और नकारात्मक सोच जैसे विकार तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अंततः आत्महत्या या आपराधिक गतिविधियों की ओर ले जाते हैं।”
एम्स रायपुर की टीम और सर्वे के मुख्य बिंदु
रायपुर एम्स के कोऑर्डिनेटर डॉ. राकेश भारती ने जानकारी दी कि यह सर्वे छत्तीसगढ़ के 6 चयनित जिलों (बालोद, बेमेतरा, कोरिया, रायपुर, बलौदा बाजार और कोंडागांव) में किया गया है।
- टीम के सदस्य: डॉ. राकेश भारती के साथ राजेंद्र मेहरा, वोकेश यदु, अनपूर्णा साहू, दिव्यांशी पाण्डेय, अशोक लोद, भोज जान, अनिल साहू, मीनाक्षी चंद्राकर और संस्कृति यादव ने इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
- अंतिम चरण: कोंडागांव विकासखंड के ग्राम संबलपुर, किबईबोलगा और मालाकोट में अंतिम सर्वे के साथ इस कार्य का समापन हुआ।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘स्पर्श क्लिनिक’ और ‘टेली-मानस’
जिले के नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी मानसिक समस्या होने पर जिला अस्पताल के कक्ष नंबर 12 में स्थित ‘स्पर्श क्लिनिक’ में परामर्श लें। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14416 (टेली-मानस) पर कॉल करके भी विशेषज्ञ सहायता प्राप्त की जा सकती है।
तनाव मुक्त रहने के लिए विशेषज्ञों के ‘गोल्डन टिप्स‘
सर्वेक्षण के दौरान टीम ने ग्रामीणों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के सरल उपाय भी बताए:
- अकेलेपन से बचें: खुद को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें।
- संवाद करें: अपनी मन की बात दोस्तों या परिवार के साथ साझा करें।
- जीवनशैली में बदलाव: नियमित योग, व्यायाम और अपनी पसंद के खेल खेलें।
- सकारात्मक मनोरंजन: अच्छी किताबें पढ़ें और शांतिदायक संगीत सुनें।
- बड़ों का सम्मान: बुजुर्गों के साथ समय बिताएं और उनके अनुभवों से सीखें।
निष्कर्ष: इस शोध के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में मानसिक रोगों के उपचार और असामयिक मृत्यु (आत्महत्या) को रोकने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएंगी, ताकि समाज को इस ‘काली छाया’ से मुक्त किया जा सके।





