संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोण्डागांव: ईरागांव पुलिस की बड़ी कार्यवाही, सामूहिक दुष्कर्म के पांच आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार
उजाला टुडे कोंडागांव 06 मार्च 1026-ईरागांव/कोण्डागांव:
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के थाना ईरागांव क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर दो मुख्य आरोपियों और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
होली के बहाने घर में घुसे थे आरोपी
घटना 5 मार्च 2026 की दोपहर करीब 3:00 बजे की है। पीड़िता अपने घर पर अपनी मां के साथ थी, तभी ग्राम बिन्झे के पांच युवक—जिनमें कमलेश मण्डावी (22 वर्ष), संतोष मण्डावी और तीन अन्य नाबालिग शामिल थे—रंग-गुलाल लगाने के बहाने वहां पहुंचे।
आरोपियों ने षड्यंत्रपूर्वक पीड़िता की मां को गांव में शराब का पता करने के बहाने बाहर भेज दिया। इसके बाद पीड़िता को अकेला पाकर कमरे के भीतर ले जाकर आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ अनाचार किया।
मां के लौटते ही मची अफरा-तफरी
जब पीड़िता की मां वापस लौटी, तो दरवाजे पर निगरानी कर रहा एक नाबालिग उन्हें देखकर शोर मचाते हुए भाग निकला। मां ने मौके पर मुख्य आरोपी कमलेश और मनोज को पकड़ने की कोशिश की और डंडे से मारकर भगाया। पीड़िता ने तत्काल अपने परिजनों के साथ थाना ईरागांव पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित घेराबंदी और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
- कार्यवाही का नेतृत्व: अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) केशकाल, अरुण कुमार नेताम के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी ईरागांव कोमल राठौर ने टीम का नेतृत्व किया।
- सफलता: ईरागांव और धनोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों के गांव में घेराबंदी कर कमलेश मण्डावी, मनोज मण्डावी और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
न्यायिक प्रक्रिया
पकड़े गए बालिग आरोपियों को न्यायालय में और नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
कार्यवाही में शामिल टीम:
इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक कोमल राठौर (थाना प्रभारी ईरागांव), भुनेश्वर नाग (थाना प्रभारी धनोरा), एएसआई विनोद चंदेल, अनिता मेश्राम, विष्णु नरेटी, प्रधान आरक्षक सुखबती सलाम, पंचू मरकाम, आरक्षक बुध राम मंडावी, हर्षवर्धन नेताम, सरजू मरकाम, मंजीत पोयम और महिला आरक्षक चंपी नेताम की मुख्य भूमिका रही।
