संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
बड़ेराजपुर हात्मा में गूँजा शिक्षा का शंखनाद: बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए छात्रों और शिक्षकों ने निकाली भव्य जागरूकता रैली
उजाला टुडे कोंडागांव 25 जून, 2026: कोंडागांव बडेराजपुर हात्मा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में छात्रों की गिरती उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए आज एक सराहनीय पहल की गई। शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूल हात्मा के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने एकजुट होकर पूरे क्षेत्र में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना था।
नारों और स्लोगन से गूँज उठा पूरा गाँव
विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह रैली गाँव की विभिन्न मुख्य सड़कों और मोहल्लों से होकर गुज़री। रैली में बच्चे पूरे उत्साह के साथ हाथों में प्रेरक स्लोगन लिखी तख्तियाँ और बैनर थामे हुए थे। बच्चों के गगनभेदी नारों ने ग्रामीणों का ध्यान अपनी ओर खींचा। रैली के मुख्य आकर्षण रहे कुछ प्रमुख स्लोगन:
- “शिक्षा है अनमोल रत्न, पढ़ने की बढ़ाएं लगन।”
- “आओ स्कूल चलें, अपना भविष्य संवारें।”
- “नियमित उपस्थिति, उज्ज्वल भविष्य।”
“शिक्षा ही समाज के विकास की नींव” — प्राचार्य
इस विशेष अभियान का नेतृत्व कर रहे प्राचार्य श्री छत्रपाल सिंह सोरी जी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा:
”शिक्षा ही किसी भी उन्नत समाज के विकास की नींव है। यदि बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे, तो वे बुनियादी शिक्षा और सुनहरे भविष्य से वंचित रह जाएंगे। हमारा लक्ष्य हर घर तक यह संदेश पहुँचाना है कि बच्चों की रोज़ाना उपस्थिति कितनी अनिवार्य है।”
गाँव के गणमान्य नागरिकों ने भी स्कूल प्रबंधन की इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की। ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि घरेलू कामों या जागरूकता की कमी के कारण अक्सर बच्चे स्कूल नहीं पहुँच पाते, लेकिन इस रैली के बाद अभिभावक अब बच्चों की पढ़ाई को पहली प्राथमिकता देंगे।
अभिभावकों से खास अपील और प्रशासन का भरोसा
रैली के समापन पर विद्यालय परिसर में एक संक्षिप्त सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से सीधा संवाद करते हुए अपील की कि वे रोज़ाना बच्चों की स्कूल डायरी ज़रूर चेक करें और उनकी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को समझें।
वहीं, प्रशासन की ओर से भी यह भरोसा दिलाया गया है कि स्कूल परिसर में शिक्षण व्यवस्था और माहौल को और अधिक आकर्षक व मनोरंजक बनाया जाएगा, ताकि बच्चे खुद-ब-खुद स्कूल आने के लिए प्रेरित हों।
असर: इस जागरूकता रैली ने न केवल बच्चों में एक नया जोश भर दिया है, बल्कि पूरे हात्मा क्षेत्र में शिक्षा को लेकर एक सकारात्मक और नई बहस छेड़ दी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
