संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
20–25 साल की सेवा के बाद TET की अनिवार्यता पर फूटा आक्रोश: कोण्डागांव में शिक्षक संघर्ष मोर्चा की महारैली आज, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
उजाला टुडे कोंडागांव 24 अगस्त 2026-कोण्डागांव: रामदेव कौशिक मीडिया प्रभारी, शिक्षक संघर्ष मोर्चा, जिला कोण्डागां के प्रेष विज्ञप्तिनुसार शिक्षा विभाग में दशकों से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने की बाध्यता खड़ी होने से भारी असंतोष फैल गया है। इसके विरोध में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आज, 25 अगस्त को कोण्डागांव में विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। रैली दोपहर 2:00 बजे महात्मा गांधी स्कूल मैदान से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं शासन के नाम कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
(ऋषि देव सिंह,जिला संयोजक शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिला कोण्डागांव)
सम्मान और सेवाकालीन प्रतिष्ठा पर सवाल
मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय लागू तत्कालीन भर्ती नियमों एवं अनिवार्य शैक्षणिक व व्यावसायिक योग्यताओं को पूरा करके ही सेवा में प्रवेश किया था। ऐसे में 20 से 25 वर्षों तक निष्ठापूर्वक
(कौशल नेताम,जिला संयोजक शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिला कोण्डागांव)
अध्यापन कराने के बाद, अधेड़ उम्र में नौकरी बचाने के लिए पुनः पात्रता परीक्षा देने की अनिवार्यता शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवाकालीन प्रतिष्ठा पर सीधा प्रहार है।
हालांकि, न्यायालय के निर्देश के तहत जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम का समय शेष है, उन्हें छूट दी गई है, लेकिन शेष सेवारत शिक्षकों के लिए यह गंभीर मानसिक व पेशेवर संकट बन चुका है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा की 5 प्रमुख मांगें
- अध्यादेश लाकर संशोधन: सदन में अध्यादेश लाकर कानून में आवश्यक संशोधन किया जाए तथा सेवारत शिक्षकों के लिए TET की बाध्यता को तत्काल समाप्त किया जाए।
- पुरानी पेंशन व सेवा लाभ: प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवाकाल की गणना करते हुए पुरानी पेंशन (OPS) सहित सभी सेवा लाभ दिए जाएं।
- वेतन विसंगति का समाधान: केन्द्रीय वेतनमान लागू कर शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति दूर की जाए।
- विभागीय स्तर पर B.Ed.: D.Ed. योग्यताधारी शिक्षकों को विभागीय स्तर पर B.Ed. कराने की समुचित व्यवस्था की जाए।
- राजपत्र 2026 में संशोधन: वर्ष 2026 के राजपत्र में आवश्यक संशोधन किए जाएं, जिससे वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के सेवा हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
संयुक्त मोर्चा ने भरी हुंकार
प्रदेश स्तर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन और शालेय शिक्षक संघ के संयुक्त गठबंधन से बने शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।
मोर्चा के जिला पदाधिकारियों—कौशल नेताम, ऋषि देव सिंह, मन्ना राम नेताम, रामदेव कौशिक, रोशन हिरवानी, रमेश प्रधान, जयलाल पोयाम, सुभाऊ राम नेताम, डुमन मरकाम, अमित मण्डावी, रामसिंह मरापी, सुरेन्द्र ठाकुर, मिट्ठू राम मांझी और सुकमन नेताम ने जिले के सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने सम्मान, अधिकार और भविष्य की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक संख्या में महात्मा गांधी स्कूल मैदान पहुंचकर महारैली को सफल बनाएं।



