संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोण्डागांव पुलिस की बड़ी कामयाबी: विशेष अभियान चलाकर बरामद किए 151 गुम मोबाइल, 35 लाख की संपत्ति मालिकों को लौटाई
उजाला टुडे कोंडागांव 06 सितंबर 2026-कोण्डागांव:जिले में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए कोण्डागांव पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा (IPS) के निर्देशन में पुलिस की तकनीकी शाखा ने मुस्तैदी से काम करते हुए कुल 151 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹35 लाख आंकी गई है।
पुलिस की तकनीकी टीम ने सर्विलांस और आधुनिक ट्रैकिंग माध्यमों की मदद से इन फोनों के लोकेशन की पहचान की। जांच में सामने आया कि इनमें से कई मोबाइल छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सहित सीमावर्ती राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। कोण्डागांव पुलिस ने संबंधित क्षेत्रों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर इन सभी मोबाइलों को सकुशल बरामद किया।
मालिकों के खिले चेहरे, पुलिस का जताया आभार
बरामद किए गए सभी 151 मोबाइल फोन पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा द्वारा विधिवत उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए। महीनों बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। नागरिकों ने कोण्डागांव पुलिस की कार्यशैली और तत्परता की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।
साइबर अपराध व ‘डिजिटल अरेस्ट’ के प्रति किया आगाह
मोबाइल वितरण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के टिप्स दिए। उन्होंने कहा:
- अपना OTP, UPI PIN, ATM कार्ड का विवरण, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें।
- किसी भी संदेहास्पद अथवा अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- फर्जी KYC अपडेट, फर्जी बैंक/कस्टमर केयर अधिकारी, पुलिस अधिकारी बनकर डराने या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी नई ठगी की तकनीकों से पूरी तरह सतर्क रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम सतर्कता और जागरूकता ही है। यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करे।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर निराश न हों। अपने मोबाइल का क्रय बिल एवं 15 अंकों का IMEI नंबर हमेशा सुरक्षित रखें और घटना की सूचना अविलंब पुलिस को दें, ताकि तकनीकी टीम के माध्यम से उसे तुरंत ट्रैक किया जा सके।



