संजय सोनपिपरे संपादक,उजाला टुडे कोंडागांव

कोंडागांव: नानीपदर में सड़क-पुल का सपना अधूरा, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना का आश्वासन भी निकला बेअसर!
उजाला टुडे कोंडागांव, 19 जुलाई 2025: कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत पलारी का आश्रित ग्राम नानीपदर विकासखंड कोंडागांव के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। दो साल पहले, 2022 में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा 1 करोड़ रुपये की लागत से डामर सड़क और पुल-पुलिया निर्माण का प्राक्कलन तैयार होने के बावजूद, आज तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है। इससे भी बड़ी बात ये है कि तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ और वर्तमान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने खुद स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन उनका आश्वासन भी बेअसर साबित हुआ है।

ग्रामवासियों का कहना है कि पूर्व कलेक्टर के निर्देश पर नूपुर राशि पन्ना ने जब जिला पंचायत सीईओ के रूप में नानीपदर का दौरा किया था, तो उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गहराई से समझा था। ग्रामीणों को लगा था कि अब उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी। हालांकि, उनके कलेक्टर बनने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों को आज भी जर्जर सड़कों और पुल-पुलियाओं से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
अधिकारी आते-जाते रहे, ग्रामीण पिसते रहे
ग्रामीणों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि अधिकारी आते-जाते रहते हैं, आश्वासन देते रहते हैं, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता। बाला मुर्गन, बालनाथ मंडावी, सुकमान मंडावी, उमेश मंडावी, रुपसिंग मंडावी, राम मंडावी, शिवबती मंडावी, देवती नेताम, सुखयारिने मंडावी, राधा मंडावी, दीपक पम्हार, रतना मंडावी और राजी मंडावी सहित कई ग्रामवासी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहते हैं कि “शासन/प्रशासन कब नींद से जगेगी और हमारी समस्याओं का निराकरण करेगी?”

कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने अब अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि अगले दो महीने में बारिश रुकने के बाद भी इस समस्या का निराकरण नहीं होता है, तो समस्त ग्रामवासी एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। यह सीधा संदेश है कि ग्रामीण अब और इंतजार करने को तैयार नहीं हैं और अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना अपने ही दिए आश्वासन पर कब कार्रवाई करती हैं और नानीपदर के ग्रामीणों को उनकी वर्षों पुरानी समस्या से निजात दिलाती हैं।
