संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
बस्तर के ऐतिहासिक दशहरा पर्व का आगाज़: 12 परगना के देवी-देवता जगदलपुर के लिए रवाना
कोंडागांव से पारंपरिक विदाई; विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना ने की अगवानी
उजाला टुडे कोंडागांव, 01 अक्टूबर 2025- बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा पर्व, जो न केवल धार्मिक आस्था बल्कि आदिवासी संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का महापर्व है, श्रद्धा और उल्लास के साथ विधिवत प्रारंभ हो गया है। इस सदियों पुरानी परंपरा के निर्वहन के तहत, कोंडागांव जिले के 12 परगनों से आए ग्राम देवी-देवताओं, मांझी-मुखियाओं, चालकी, गायता, पटेल-पुजारी और सैकड़ों श्रद्धालुओं को भव्यता के साथ जगदलपुर के लिए रवाना किया गया।
पारंपरिक विदाई समारोह
देवी-देवताओं को जगदलपुर भेजने से पूर्व कोंडागांव की चौपाटी पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर, स्थानीय विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना ने स्वयं उपस्थित होकर देवी-देवताओं को पारंपरिक तरीके से विदाई दी। यह दृश्य आदिवासी समाज और स्थानीय प्रशासन के बीच सांस्कृतिक सम्मान और सामंजस्य को दर्शाता है।
दशहरा का महत्व
बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर, बस्तर की पहचान है। यह पर्व सदियों से देवी-देवताओं की सामूहिक उपस्थिति और विशिष्ट अनुष्ठानों के माध्यम से इस अंचल के जनमानस को एकता के सूत्र में पिरोता रहा है। गणमान्य नागरिकों और सैकड़ों श्रद्धालुओं में इस आयोजन में शामिल होने के लिए भारी उत्साह दिखा।
उपस्थित गणमान्य नागरिक
इस महत्वपूर्ण अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, मनोज जैन, पार्षद संतोष पात्रे, अपर कलेक्टर चित्रकांत चार्ली ठाकुर, एसडीएम अजय उरांव, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त कृपेन्द्र तिवारी सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस सांस्कृतिक और धार्मिक यात्रा को सफल बनाने में सहयोग दिया।

