संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
कांशीराम परिनिर्वाण दिवस: जगदलपुर में उमड़े हजारों बसपाई, छत्तीसगढ़ में बसपा सरकार बनाने का लिया संकल्प
उजाला टुडे कोंडागांव 10 अक्टूबर 2025- जगदलपुर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहब के 19वें परिनिर्वाण दिवस पर गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को बस्तर जोन इकाई द्वारा जगदलपुर के लाल बाग़ स्थित बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के पास एक विशाल विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में बसपाई एकजुट हुए और छत्तीसगढ़ में बसपा की सरकार बनाने का संकल्प लिया गया।
पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर कांग्रेस-बीजेपी को घेरा
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बसपा की छत्तीसगढ़ राज्य प्रदेश प्रभारी लता गेडाम थीं। अपने संबोधन में उन्होंने मान्यवर कांशीराम साहब के संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा, “मान्यवर कांशीराम साहब ने भूखे-प्यासे रहकर, सायकिल चलाकर और न जाने कितनी पीड़ा सहकर समाज को जगाया। उन्हीं के संघर्षों का परिणाम है कि आज हजारों गरीब-मजदूर-किसान समाज के लोग स्वयं के साधनों से यहां आए हैं।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस और बीजेपी के बहकावे में न आने और मान्यवर कांशीराम के दिखाए रास्ते पर चलकर बहनजी (मायावती) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी पार्टी की सरकार बनाने के लिए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष देवलाल सोनवंशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी दोनों सरकारों ने पिछड़े वर्गों को छलने का काम किया है। उन्होंने वादा किया कि जिस दिन बसपा की सरकार बनेगी, उसी दिन पिछड़े वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में भागीदारी दिलाई जाएगी। प्रदेश महासचिव शेखर गंजीर ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब की बदौलत ही पिछड़े वर्गों को थोड़ा-बहुत अधिकार मिल पाया है।
बस्तर के शोषण और खनिज संपदा के वितरण का मुद्दा
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त पोयाम ने बस्तर के स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस-बीजेपी की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा के नाम पर करोड़ों का फंड रिलीज होता है, जिसका सारा फायदा बस्तरिया लोगों को मिलने के बजाय बड़े-बड़े सेठों, ठेकेदारों और पूंजीपतियों को मिलता है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि दशहरा में सेवा देने वाले आदिवासियों को मामूली रोजी देकर शोषण किया जाता है।
पोयाम ने कहा कि “बस्तर खनिज संपदा से भरपूर धरती है, लेकिन गलत नीतियों की वजह से यहां के मूल बस्तरिया आज भी लंगोटी में जीवन बिताने को मजबूर हैं।” उन्होंने बसपा की सरकार बनने पर प्राकृतिक संसाधनों के एक समान वितरण का वादा किया।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव रामसहाय कोर्राम, जोन इंचार्ज मनोज नाग, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी आयतु मंडावी समेत डॉ. समर समद्दार, अजय करायत, झाड़ूराम शोरी, डॉ. श्रवण साहू आदि ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन गुपत नाग और शेखर गंजीर ने किया।


