संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
✨ मुख्य शीर्षक: सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति: ‘मां समान’ शिक्षिका कुंती देशमुख को अश्रुपूरित विदाई
बस्तर के मांदर की थाप और पुष्प वर्षा से सम्मान, 20 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति पर स्थानांतरण
उजाला टुडे कोंडागांव 17 अक्टूबर 2025- मारागांव/कोंडागांव। प्राथमिक/उच्च प्राथमिक शाला प्लाटपारा मारागांव में लगभग दो दशकों (20 वर्षों) तक निष्ठा एवं समर्पण भाव से शिक्षा की अलख जगाने वाली शिक्षिका श्रीमती कुंती देशमुख के पदोन्नति उपरांत डौंडी हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थानांतरण पर, ग्रामवासियों एवं शिक्षकों द्वारा विदाई सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
भव्य स्वागत और सम्मान
शिक्षिका देशमुख का स्वागत बस्तर की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप किया गया। ग्रामीणों ने मांदरी नृत्य की थाप, आतिशबाजी एवं पुष्प वर्षा के साथ मुख्य मार्ग से शाला प्रांगण तक उन्हें सम्मानपूर्वक पहुँचाया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के स्वागत गीत और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को आनंदमय बना दिया।
भावुक हुए पूर्व छात्र, वक्ताओं ने सराहा व्यक्तित्व
समारोह में भारी संख्या में ग्रामीण, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य और शिक्षक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने श्रीमती देशमुख के शाला के बच्चों, पालकों और समुदाय से मैत्रीपूर्ण व्यवहार और पारिवारिक भाव की सराहना की। वक्ताओं ने बच्चों के शैक्षणिक सहित सर्वांगीण विकास के लिए उनके योगदान को याद किया।
पूर्व छात्रों की आँखें नम थीं, जिन्होंने अपनी ‘माँ समान’ शिक्षिका को याद करते हुए भावुक होकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले कई छात्र आज उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज में अपनी पहचान बना रहे हैं।
पद की व्यवस्था पर भावनाओं का बांध
सभा को संबोधित करते हुए संकुल समन्वयक रामदेव कौशिक ने कहा, “जिससे अपनत्व और प्रेम होता है, उसके दूर होने का दुख होता है। यह शासकीय सेवा की एक व्यवस्था है।” उन्होंने पदोन्नति पर शुभकामनाओं के साथ उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रधान अध्यापक लीलाशंकर शोरी और मनीराम नेताम ने भी सेवाकाल के पलों को याद कर भावुकता व्यक्त की। शिक्षक महेश पटेल ने कविता के माध्यम से देशमुख के व्यक्तित्व और सेवा भाव को रेखांकित किया।
सम्मान और वृहद भोजन व्यवस्था
शिक्षिका के प्रति स्नेह और सम्मान की अभिव्यक्ति करते हुए, ग्रामीणों एवं सहकर्मी शिक्षकों ने स्व-प्रेरित होकर पुरे गांव, शिक्षक, छात्र-छात्राओं और उपस्थित जन समुदाय के लिए एक बड़े भण्डारे (भोजन) की व्यवस्था की। इस दौरान श्रीमती देशमुख को फूल-मालाओं और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्या देवांगन ने किया। घनश्याम यादव ने कुंती देशमुख, चंदुलाल देशमुख और समस्त अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया, साथ ही कार्यक्रम की सफलता में ग्रामीणों के अहम योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
उपस्थिति:
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरपंच संतबत्ती नेताम, पूर्व सरपंच कंचन सोरी, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष रायसिंह सोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



