संपादक, संजय सोनपिपरे, उजाला टुडे कोंडागांव
कोण्डागांव पुलिस की बड़ी सफलता: अंधे कत्ल की गुत्थी चंद घंटों में सुलझी, लालच में दोस्त ही बना कातिल
उजाला टुडे कोंडागांव 13 अप्रैल 2026- कोण्डागांव पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। महज़ कुछ घंटों के भीतर पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। सोने की अंगूठी और नकदी के लालच में एक व्यक्ति ने अपने ही परिचित की नृशंस हत्या कर शव को मिट्टी के ढेर में दफन कर दिया था।
लापता होने से शुरू हुई जांच
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी महेश चौहान (निवासी विकासनगर) ने 12 अप्रैल को थाने में अपने भाई सुरेश चौहान के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। सुरेश की स्कूटी लावारिस हालत में विकास नगर में मिली थी, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल एवं पंकज चंद्रा के निर्देशन और उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम गठित की गई। संदेह के आधार पर जब सुरेश कुमार देवांगन (निवासी मरार पारा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या का खौफनाक मंजर
आरोपी ने बताया कि उसने 11 अप्रैल की रात करीब 08:30 बजे सुरेश चौहान को अपने घर बुलाया था। सोने की अंगूठी और पैसों के लालच में आकर आरोपी ने:
- लोहे के खलबट्टे (मुसल) से सुरेश के सिर पर प्राणघातक वार किया।
- हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को स्कूटी पर लादकर मरार पारा ले गया।
- वहां नई मिट्टी के ढेर के नीचे शव को दबा दिया।
शव उत्खनन और बरामदगी
आरोपी की निशानदेही पर फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. स्नेहा भंडारी, पुलिस बल और गवाहों की मौजूदगी में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शव को जमीन से बाहर निकाला गया। मृतक के भाई ने शव की शिनाख्त सुरेश चौहान (53 वर्ष) के रूप में की।
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:
- 02 नग सोने की अंगूठी।
- 1000 रुपये नगद।
- हत्या में प्रयुक्त लोहे का मुसल।
- घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी।
टीम की सराहना
आरोपी सुरेश देवांगन (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल को सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उप निरीक्षक राजीव गोटा, सायबर सेल के सुरेंद्र बघेल और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


