संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में ईंधन का संकट: पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार, पहिए थमने की कगार पर
उजाला टुडे कोंडागांव 12 मई 2026- दक्षिण बस्तर के द्वार कहे जाने वाले कोंडागांव जिले में कल शाम से ईंधन की भारी किल्लत देखी जा रही है। मंगलवार सुबह से ही शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
पंपों पर लगी लंबी कतारें, खाली हाथ लौट रहे लोग
शहर के इक्का-दुक्का पंप जहाँ तेल उपलब्ध है, वहाँ सुबह 5 बजे से ही वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। भीषण गर्मी के बावजूद लोग अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण कई लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
यातायात और परिवहन पर बुरा असर
ईंधन की इस कमी ने परिवहन व्यवस्था की कमर तोड़ दी है:
- दुपहिया वाहन: ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई लोग अपनी बाइक पैदल खींचते नजर आए।
- निजी कारें: लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवार बीच रास्ते में फंस गए हैं।
- भारी वाहन (बस और ट्रक): राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर ट्रकों और बसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। डीजल न मिलने से मालवाहक वाहन खड़े हो गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का डर सता रहा है।
प्रशासन और आम जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस संकट का पूर्वानुमान होना चाहिए था।
“मैं पिछले तीन घंटों से लाइन में खड़ा हूँ, लेकिन अब बताया जा रहा है कि तेल खत्म हो गया है। काम पर कैसे जाऊं समझ नहीं आ रहा।”
— रवि नेताम, स्थानीय निवासी
क्या है किल्लत की वजह?
हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई ठोस कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार डिपो से सप्लाई में देरी और लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याओं के कारण यह स्थिति बनी है। कुछ लोग इसे आने वाले दिनों में होने वाली संभावित हड़ताल या तकनीकी खराबी से भी जोड़कर देख रहे हैं।
नोट: प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और दावा किया है कि जल्द ही टैंकरों की खेप कोंडागांव पहुँच जाएगी। तब तक के लिए आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
