राष्ट्रीय मंच पर गूंजा किरंदुल परियोजना का परचम, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा उत्कृष्टता में एक साथ ‘डायमंड’ व ‘प्लेटिनम’ राष्ट्रीय अवार्ड जीतकर रचा नया इतिहास, एनएमडीसी ने बढ़ाया बस्तर और देश का गौरव

उजाला टुडे न्यूज
26 जून 2026
संवादाता फलेश्वरी (रितु साहू)
किरंदुल। एनएमडीसी लिमिटेड की बैलाडीला आयरन ओर माइंस, किरंदुल कॉम्प्लेक्स ने अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली, नवाचार और सतत विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक और शानदार प्रमाण देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारियों की सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए परियोजना को एक साथ दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि न केवल एनएमडीसी, बल्कि पूरे बस्तर और देश के खनन क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
गुरुग्राम में आयोजित प्रतिष्ठित ईएसजी एवं ईएचएस लीडरशीप फोरम के द्वितीय ऑनर्ज एक्सीलेंस अवार्ड्स-2026 में किरंदुल परियोजना को धातु एवं खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘डायमंड अवार्ड’ तथा स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘प्लेटिनम अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
25 जून 2026 को होटल रेडिसन ब्लू, उद्योग विहार (गुरुग्राम) में आयोजित भव्य समारोह में देशभर के उद्योग एवं कॉर्पोरेट जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी में यह सम्मान प्रदान किया गया। परियोजना की ओर से मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन) के.पी. सिंह तथा वरिष्ठ प्रबंधक (पर्यावरण) देबब्रत मंडल ने दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए।
यह ऐतिहासिक सफलता एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के दूरदर्शी नेतृत्व, शीर्ष प्रबंधन की प्रभावी कार्यनीति तथा संगठन में विकसित उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का भी परिणाम मानी जा रही है। कर्मचारियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली प्रबंधन की नीतियों ने किरंदुल परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि एनएमडीसी आज देश के खनन क्षेत्र में उत्कृष्टता, गुणवत्ता और जिम्मेदार संचालन का पर्याय बनकर उभरा है।
यह दोहरी उपलब्धि एनएमडीसी की उस कार्यसंस्कृति का जीवंत प्रमाण है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। आधुनिक तकनीक, प्रभावी प्रबंधन और नवाचारों के बल पर किरंदुल परियोजना ने यह ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है, जो देश के खनन उद्योग के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर परियोजना प्रमुख एवं अधिशासी निदेशक रवींद्र नारायण तथा उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के.एल. नागवेणी ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कार्मिकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी टीम की सामूहिक मेहनत, समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी किरंदुल परियोजना इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एनएमडीसी और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करती रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित कार्य प्रणाली के क्षेत्र में मिला यह दोहरा राष्ट्रीय सम्मान एक बार फिर सिद्ध करता है कि एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना केवल लौह अयस्क उत्पादन में ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के सर्वोच्च मानकों को स्थापित करने में भी देश की अग्रणी परियोजनाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है।
