सिद्धेश्वर धाम में भगवान जगन्नाथ की प्राण प्रतिष्ठा, ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा दंतेवाड़ा

उजाला टुडे न्यूज
30 जून 2026
संवाददाता फलेश्वरी ( रितु साहू )
दंतेवाड़ा। मां दंतेश्वरी की पावन नगरी दंतेवाड़ा के पातररास स्थित नव निर्मित सिद्धेश्वर धाम श्री जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा क्षेत्र ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना से हुई। परंपरा के अनुसार सुकमा राजपरिवार के कुमार जयदेव बाबा एवं कुमार विजित देव ने मां दंतेश्वरी के दर्शन कर बस्तर की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात शंखध्वनि, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सिद्धेश्वर धाम पहुंची।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मां दंतेश्वरी मंदिर जगदलपुर के पुजारी प्रेम कृष्ण पाढ़ी, मावली माता मंदिर के पुजारी अनिल ठाकुर, बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और क्षेत्र की उन्नति एवं जनकल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं ने विधिवत दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर के पंडित विभूति मिश्रा ने बताया कि आगामी 16 जुलाई को श्री गोंचा महापर्व के अवसर पर सिद्धेश्वर धाम से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान नौ दिनों तक मौसी मंदिर में विराजमान रहेंगे तथा 24 जुलाई को बाहुड़ा गोंचा के अवसर पर पुनः मुख्य मंदिर लौटेंगे।
मंदिर निर्माण से जुड़े सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सिद्धेश्वर मिश्रा की अंतिम इच्छा को साकार करते हुए परिवार के छह भाइयों ने आपसी सहयोग से इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया है। मंदिर में स्थापित भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के विग्रह विशेष रूप से जगन्नाथ पुरी (ओडिशा) से लाए गए हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही सिद्धेश्वर धाम बस्तर अंचल में श्रद्धा और आस्था का एक नया केंद्र बन गया है।
