सेवा का सम्मान, समर्पण को सलाम
एनएमडीसी अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्या
ण समिति ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी भावभीनी विदाई, दशकों की कर्मनिष्ठ सेवाओं को किया नमन

उजाला टुडे न्यूज
6 जुलाई 2026
संवाददाता फलेश्वरी (रितु साहू )
किरंदुल ।”जो वृक्ष वर्षों तक छाया देता है, उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हमारा संस्कार है।” इसी भावना को साकार करते हुए एनएमडीसी अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति, किरंदुल द्वारा रविवार सायंकाल डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान एवं विदाई समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम सेवा, समर्पण, सम्मान और आत्मीयता का ऐसा संगम बना, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। समारोह में समिति के पदाधिकारी, सदस्य, एनएमडीसी के कर्मचारी, वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबे, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी सेवाकाल का स्मरण करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान समिति द्वारा श्री डी.डी. लहरे, श्री जयराम नागेश, श्री सरजू राम मेष, श्री मधुकर सितापराव, श्री सोनीसिंह नाग, श्री महेंद्र कुमार चापड़ी, श्री बसंत कुमार, श्री ज्ञान राम कवाची, श्री भोगटे राम तिग्गा एवं श्री लक्ष्मीनाथ वट्टी को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनके दशकों के समर्पण, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट सेवाओं का अभिनंदन किया। सम्मान प्राप्त करते समय कई कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं और पूरा सभागार भावनाओं से भर उठा।
समिति के अध्यक्ष बृजलाल तारम ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मठ और ईमानदार कर्मचारी होते हैं। आज जिन वरिष्ठ साथियों को सम्मानित किया गया है, उन्होंने अपने कठिन परिश्रम, निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासित कार्यशैली से न केवल एनएमडीसी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्कृष्ट कार्य संस्कृति की मिसाल भी स्थापित की है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल सेवा से विराम है, समाज और परिवार के प्रति दायित्वों से नहीं। उनका अनुभव सदैव संस्था और समाज के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।
समिति के महासचिव दामोदर सिंह नाग ने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन की एक नई यात्रा का आरंभ है। वर्षों तक संस्था की सेवा करने वाले वरिष्ठ कर्मचारियों का सम्मान करना समिति का दायित्व ही नहीं बल्कि गौरव का विषय है।
सम्मानित सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने कार्यस्थल की मधुर स्मृतियों, सहकर्मियों के सहयोग और संस्था से मिले स्नेह को याद करते हुए समिति का हृदय से आभार व्यक्त किया। कई वक्ताओं ने कहा कि एनएमडीसी उनके लिए केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार रहा है, जहाँ उन्होंने जीवन के अमूल्य वर्ष बिताए।पूरे समारोह में आत्मीयता, अपनापन और सम्मान का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का सफल संचालन दिलीप कुमार मंडावी ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि अंत में महासचिव दामोदर सिंह नाग ने उपस्थित सभी अतिथियों, समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह सम्मान समारोह केवल विदाई का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वर्षों की निष्ठा, सेवा, समर्पण और कर्मयोग को समाज के सामने सम्मानपूर्वक नमन करने का एक प्रेरणादायी अवसर बन गया, जिसकी मधुर स्मृतियाँ लंबे समय तक सभी के हृदय में जीवंत रहेंगी।
