संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
करोड़ों की ‘मल्टीपल बैंक लोन’ ठगी का पर्दाफाश: 43 शिक्षकों से ठगे 12 करोड़ रुपये, अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 शातिर गिरफ्तार
फरसगांव/केशकाल (कोण्डागांव
उजाला टुडे कोंडागांव 09 जुलाई 2026 कोण्डागांव पुलिस को ‘मल्टीपल बैंक लोन स्कीम’ के नाम पर प्रदेश के भोले-भाले शिक्षकों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बेहद शातिर और संगठित गिरोह को दबोचने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। गिरोह ने अकेले कोण्डागांव जिले के फरसगांव और केशकाल क्षेत्र के 43 शिक्षकों को शिकार बनाकर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था।
पिछले 3 महीनों से आरोपियों की तलाश में जुटी फरसगांव एवं केशकाल पुलिस की संयुक्त विशेष टीम ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों (अम्बिकापुर, जशपुर और सारंगढ़) में दबिश देकर कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चलाते थे ’40-60′ का खूनी खेल; ऐसे करते थे शिकार
पकड़े गए आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से ठगी का यह साम्राज्य चला रहे थे। गिरोह के मुख्य सरगना शिवशंकर दास, दिलीप सोनी और श्यामसुन्दर जांगडे ने अपने सहयोगियों और कुछ बैंक कर्मचारियों/लोन एजेंटों के साथ मिलकर एक घातक ’40-60 मल्टीपल बैंक लोन योजना’ बनाई थी।
- झांसा: ये लोग शिक्षकों को जाल में फंसाकर अलग-अलग बैंकों से एक ही समय पर कई पर्सनल लोन (मल्टीपल लोन) स्वीकृत कराते थे।
- डील: शिक्षकों को लालच दिया जाता था कि लोन की कुल राशि का 40% हिस्सा वे खुद रख लें और शेष 60% हिस्सा गिरोह को दे दें। गिरोह यह दावा करता था कि वे खुद अगले 2-3 साल में ईएमआई (EMI) भरकर पूरा लोन चुकता कर देंगे।
- फर्जीवाड़ा: लोन पास कराने के लिए आरोपियों ने हद पार कर दी। उन्होंने पीड़ित शिक्षकों के मूल आधार कार्ड की जगह फर्जी कूट रचित (Forged) आधार कार्ड तैयार किए, जिनमें पीड़ितों का पता (Address) बदल दिया गया था, ताकि बैंकों को भनक न लगे।
- रकम डकार कर फरार: जैसे ही विभिन्न बैंकों (SBI, HDFC, Axis, BOB, ICICI, YES Bank आदि) से लोन की राशि आती थी, आरोपी 60% रकम अपने और अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे और बाद में ईएमआई न भरकर फरार हो जाते थे।
इन 4 मामलों से खुला ठगी का बड़ा राज
इस गिरोह के खिलाफ थाना फरसगांव और केशकाल में कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिनकी जांच के दौरान इस महाठगी का खुलासा हुआ:
- मामला 1 (थाना फरसगांव – अप.क्र. 51/2026): प्रार्थी संजय कोडोपी और उनके 4 अन्य शिक्षक साथियों से करीब 02 करोड़ रुपये की ठगी।
- मामला 2 (थाना फरसगांव – अप.क्र. 52/2026): प्रार्थी अनंत कुमार निर्मलकर और उनके 8 अन्य शिक्षक साथियों से करीब 04 करोड़ रुपये की ठगी।
- मामला 3 (थाना केशकाल – अप.क्र. 38/2026): प्रार्थी देवेन्द्र किशोर खवास और उनके 20 अन्य शिक्षक साथियों से करीब 6.42 करोड़ रुपये (64,248,290 रुपये) की ठगी।
- मामला 4 (थाना केशकाल – अप.क्र. 39/2026): प्रार्थी योगेश्वर बैध और उनके 6 अन्य साथियों से करीब 1.57 करोड़ रुपये (15,768,213 रुपये) की ठगी।
3 महीने का कड़ा टेक्निकल एनालिसिस और पुलिस की दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक (IPS) पंकज चन्द्रा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय एवं एसडीओपी केशकाल अरुण नेताम के नेतृत्व में पुलिस ने 3 महीनों तक पीड़ितों के बैंक खातों, लोन दस्तावेजों और कॉल डिटेल (CDR) का सघन तकनीकी विश्लेषण किया।
आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देने के लिए ठिकाने बदल रहे थे। आखिरकार मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें दबोच लिया:
-
- दिलीप सोनी और अंशुमान सिंह को अम्बिकापुर (सरगुजा) से गिरफ्तार किया गया।
- श्यामसुन्दर जांगडे को कोसीर (सारंगढ़) से पकड़ा गया।
- विरेन्द्र तिर्की को सन्ना (जशपुर) से गिरफ्तार किया गया।
- गिरोह का एक और अहम सदस्य शिवशंकर दास पहले से अम्बिकापुर जेल में बंद था, जिसे पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है।
जप्त सामग्री: आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर और लेन-देन के हिसाब वाले संधारित रजिस्टर व डायरियां जप्त की गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली:
-
-
- शिवशंकर दास (40 वर्ष) – निवासी: किशूनपुर, थाना धौरपुर, जिला सरगुजा।
- दिलीप कुमार सोनी (45 वर्ष) – निवासी: नयापारा (गांधीनगर), जिला सरगुजा।
- विरेन्द्र तिर्की (44 वर्ष) – निवासी: बगीचा/सन्ना, जिला जशपुर (हाल निवासी: बडेडोंगर, कोण्डागांव)।
- श्यामसुन्दर जांगडे (33 वर्ष) – निवासी: मुडवाभाठा, थाना कोसीर, जिला सारंगढ़।
- अंशुमान सिंह (28 वर्ष) – निवासी: सरकंडा, बिलासपुर (हाल निवासी: सतीपारा, अम्बिकापुर)।
-
सराहनीय भूमिका
इस बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह को बेनकाब करने में फरसगांव थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर श्रीवास, केशकाल थाना प्रभारी निरीक्षक विकास बघेल समेत उपनिरीक्षक शशिभूषण पटले, गुलाब टण्डन और दोनों थानों के आरक्षकों व साइबर सेल की टीम का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अब इस मामले में संलिप्त बैंक कर्मचारियों और लोन एजेंटों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।


