तिरंगे की शान में उमड़ा किरंदुल, INTUC की बाइक रैली बनी राष्ट्रप्रेम, एकता और भाईचारे का जन-उत्सव

सड़कों पर लहराया तिरंगा, गूंजे “भारत माता की जय” के जयघोष; हर मोड़ पर दिखा जोश, INTUC ने पूरे नगर को एकता के सूत्र में पिरोया
उजाला टुडे न्यूज 16 अगस्त 2026
संवाददाता फलेश्वरी ( रितु साहू )
किरंदुल। हाथों में शान से लहराता तिरंगा… सड़कों पर एक साथ बढ़ता बाइकों का विशाल कारवां… आसमान को छूते “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के गगनभेदी जयघोष… और हर चेहरे पर देश के लिए गर्व और उत्साह—स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को किरंदुल की सड़कों पर ऐसा अद्भुत नजारा दिखाई दिया कि पूरा नगर मानो तिरंगे की छांव में एक परिवार बनकर उमड़ पड़ा।
मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC), शाखा किरंदुल के तत्वावधान में आयोजित भव्य “तिरंगा बाइक रैली” ने पूरे नगर में देशभक्ति की ऐसी ऊर्जा का संचार किया कि जहां से भी रैली गुजरी, वातावरण राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगता चला गया।
यह केवल बाइकों की रैली नहीं थी—यह राष्ट्र के प्रति सम्मान का संकल्प, सामाजिक सद्भाव का संदेश और किरंदुल की एकजुटता का शानदार प्रदर्शन था।
फुटबॉल ग्राउंड से निकला तिरंगे का कारवांभव्य तिरंगा बाइक रैली का शुभारंभ फुटबॉल ग्राउंड, किरंदुल से हुआ। रैली के आगे बढ़ते ही हाथों में तिरंगा थामे बाइक सवारों का जोश देखते ही बन रहा था।
जैसे-जैसे तिरंगे का कारवां नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ा, वैसे-वैसे इसमें देशभक्ति का रंग और गहरा होता गया। सड़कों पर लहराते तिरंगे, बाइकों की लंबी कतार और भारत माता के जयघोष ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
रास्ते में जगह-जगह नगरवासियों ने उत्साह के साथ रैली का स्वागत किया। कोई हाथ हिलाकर अभिनंदन करता नजर आया तो कोई तिरंगे को नमन करते हुए रैली का उत्साह बढ़ाता दिखा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो रैली सड़क से नहीं, किरंदुलवासियों के दिलों से होकर गुजर रही हो।
रैली की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी सर्वसमावेशी भागीदारी रही। अलग-अलग कार्यक्षेत्र, संस्थाओं और सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जब एक तिरंगे के नीचे, एक भावना और एक उद्देश्य के साथ आगे बढ़े तो किरंदुल की सड़कों ने मानो स्वयं संदेश दिया—
«“पहचान अनेक हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्र एक है;
संगठन अनेक हो सकते हैं, लेकिन किरंदुल हमारा एक परिवार है।”»
तिरंगे की छांव में उस समय न कोई छोटा था, न बड़ा; न कोई वर्ग था, न कोई भेद। सबकी पहचान केवल एक थी—हम भारतीय हैं।
इस आयोजन ने मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC) की उस कार्यशैली को भी प्रभावी रूप से सामने रखा, जिसमें श्रमिक एवं कर्मचारी हितों के साथ-साथ पूरे किरंदुल नगर को साथ लेकर चलने, सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने और भाईचारे को बढ़ावा देने की भावना को महत्व दिया जाता है।
INTUC का प्रयास रहा है कि उसके सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय आयोजन किसी एक संगठन अथवा वर्ग तक सीमित न रहें, बल्कि नगर के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से आपसी प्रेम, सहयोग, सामाजिक समरसता और एकजुटता को मजबूत करने का माध्यम बनें।
तिरंगा बाइक रैली में यही सोच साकार होती दिखाई दी। सामने था तो केवल राष्ट्रप्रेम, एकता, भाईचारा और किरंदुल के प्रति अपनापन।
इस अवसर पर INTUC सचिव श्री ए. के. सिंह ने कहा कि संगठन श्रमिक एवं कर्मचारी हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के साथ-साथ किरंदुल में एकता, सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने में भी अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा उन्होंने कहा कि संगठन का प्रयास है कि नगर के हर वर्ग को साथ लेकर ऐसे सामाजिक एवं राष्ट्रीय आयोजन किए जाएं, जिनसे विशेषकर युवा एवं आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, आपसी सहयोग और एकजुटता की भावना और अधिक मजबूत हो .
देशभक्ति के जयघोषों के बीच नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ तिरंगे का विशाल कारवां अंततः गांधी भवन पहुंचा, जहां रैली का उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय समापन हुआ।
किरंदुल के लोगों ने कहा कि नगरवासियों की व्यापक सहभागिता और उत्साह ने इस आयोजन को केवल एक बाइक रैली न रहने देकर किरंदुल की एकता, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम के विराट जन-उत्सव में बदल दिया।
“भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के जोशीले उद्घोषों के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ, लेकिन रैली द्वारा दिया गया एकता, सद्भाव और राष्ट्रप्रेम का संदेश नगरवासियों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ गया।
“तिरंगा हमारी शान है, एकता हमारी ताकत है और किरंदुल हमारा परिवार है ।स्वतंत्रता दिवस पर निकली इस तिरंगा बाइक रैली ने साबित कर दिया कि जब राष्ट्रप्रेम की भावना और एकता की शक्ति साथ चलती है, तो पूरा नगर एक परिवार बन जाता है—और शनिवार को किरंदुल ने इसी एकजुट भारत की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
