राष्ट्ररक्षकों की कलाई पर सजा बहनों का रक्षा-सूत्र, स्नेह और सम्मान से भावुक हुए जवान

CISF और पुलिस जवानों को बहनों ने बाँधी राखी, किरंदुल में राष्ट्रप्रेम, अपनत्व और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का दिखा अद्भुत संगम
उजाला टूडे न्यूज 29 अगस्त 2026
संवाददाता फलेश्वरी (रितु साहू )
किरंदुल। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर किरंदुल में शुक्रवार, 28 अगस्त को एक ऐसा भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जहाँ राखी का पवित्र धागा भाई-बहन के रिश्ते के साथ राष्ट्रप्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बन गया। श्री राम जन कल्याण सेवा समिति (बैलाडीला देव स्थान समिति) एवं गायत्री परिवार, किरंदुल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नगर की स्कूली छात्राओं, मातृशक्तियों एवं बहनों ने CISF तथा पुलिस के अधिकारियों और जवानों की कलाइयों पर रक्षा-सूत्र बाँधा।
कार्यक्रम का पहला चरण CISF बैरक, किरंदुल में संपन्न हुआ। बहनों और छात्राओं ने राष्ट्र की सुरक्षा में तत्पर अधिकारियों एवं जवानों को तिलक लगाकर राखी बाँधी और उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं मंगलमय जीवन की कामना की। परिवारों से दूर रहकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे जवानों के लिए बहनों से मिला यह स्नेह बेहद आत्मीय रहा। कलाई पर सजी राखी और चेहरों पर खिली मुस्कान ने पूरे वातावरण को भावुक और यादगार बना दिया।
इसके पश्चात बहनें पुलिस थाना किरंदुल पहुँचीं, जहाँ पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को रक्षा-सूत्र बाँधकर नगर की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनसेवा में उनके योगदान के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया।
इस अनूठे आयोजन में एक ओर बहनों और छात्राओं के चेहरों पर राष्ट्ररक्षकों को राखी बाँधने का गर्व और उत्साह दिखाई दिया, तो दूसरी ओर जवानों के चेहरों पर परिवार जैसा स्नेह मिलने की खुशी झलकती रही। पूरा वातावरण देशप्रेम, भाईचारे, आत्मीयता और सम्मान से सराबोर रहा।
आयोजन ने एक खूबसूरत संदेश दिया कि जो दिन-रात हमारी सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं, वे केवल वर्दीधारी जवान नहीं, बल्कि हमारे नगर परिवार के अपने भाई हैं। उनकी कलाई पर बँधा रक्षा-सूत्र पूरे किरंदुल की ओर से उनके प्रति स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बना।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री राम जन कल्याण सेवा समिति, गायत्री परिवार के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सेवादारों सहित नगर की मातृशक्तियों, बहनों और छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा।
“वर्दी में खड़े उन वीर भाइयों को जब बहनों का स्नेह मिला,
राखी के एक पवित्र धागे में पूरा किरंदुल परिवार बंधा दिखा।”
