संवाददाता फलेश्वरी ( रितु साहू) उजाला टूडे किरंदुल
बुद्ध पूर्णिमा पर किरंदुल में गूंजे शांति, करुणा और सद्भाव के संदेशबुद्ध पूर्णिमा पर किरंदुल में गूंजे शांति, करुणा और सद्भाव के संदेशकिरंदुल में गूंजे शांति, करुणा और सद्भाव के संदेश
उजाला टूडे किरंदुल 02 मई 2026- किरंदुल नगर में बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। नागार्जुन बुद्ध विहार विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित विविध कार्यक्रमों ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल बस स्टैंड चौक पर खीर वितरण से हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से त्रिशरण एवं पंचशील का पाठ कर वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप खीर वितरित की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में उल्लास और संतोष का वातावरण व्याप्त हो गया। लोगों ने इसे केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा का प्रतीक भी बताया।
शाम के समय मुख्य कार्यक्रम और भी भव्य एवं आकर्षक रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर एनएमडीसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में पुनः त्रिशरण एवं पंचशील का सामूहिक पाठ किया गया, जिससे शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को और अधिक व्यापक और प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। नृत्य, गीत, भाषण और लघु नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन, उनके त्याग, तपस्या और उपदेशों को अत्यंत प्रभावशाली एवं भावपूर्ण ढंग से मंचित किया गया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा पूरे वातावरण में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
समिति द्वारा सीमित संसाधनों के बावजूद कार्यक्रम का सुव्यवस्थित एवं अनुशासित संचालन किया गया, जो सभी के लिए प्रेरणादायी रहा। नगरवासियों ने नागार्जुन बुद्ध विहार विकास समिति के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन भीमराव डांगे एवं अपेक्षित गोड़कर द्वारा किया गया। उनके कुशल संचालन, स्पष्ट प्रस्तुति और सधे हुए मंच संचालन ने पूरे आयोजन को क्रमबद्ध, आकर्षक और जीवंत बनाए रखा।
अंत में समिति द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का संकल्प दोहराया गया।
