संजय सोनपिपरे संपादक उजाला टुडे कोंडागांव
शर्मनाक! जगदलपुर डिमरापाल अस्पताल: मेडिसिन वार्ड में ‘नरक’ जैसा शौचालय, गंदगी से जूझ रहे मरीज़; प्रबंधन की घोर लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की मांग
उजाला टुडे कोंडागांव जगदलपुर 12 दिसम्बर 2025- जगदलपुर (छत्तीसगढ़): स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर जगदलपुर के डिमरापाल अस्पताल से सामने आई यह तस्वीर व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
अस्पताल के मेडिसिन वार्ड (पुरुष), तीसरी मंजिल का शौचालय और उससे लगा गलियारा अत्यंत गन्दगी, काई, और मलबे से अटा पड़ा है, जो किसी भी कीमत पर इस्तेमाल करने लायक नहीं है। यह स्थिति न केवल मरीजों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन चुकी है।
गंदगी का अंबार: संक्रमण का सीधा न्योता
तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि:
- टॉयलेट सीट के चारों ओर, दीवारों पर और फर्श पर भयंकर गंदगी जमा है।
- पानी की टंकी टूटी हुई दिख रही है और पूरे क्षेत्र में पीले-भूरे रंग के निशान हैं, जो लंबे समय से सफाई न होने की गवाही दे रहे हैं।
- शौचालय के बाहर गलियारा भी गन्दा है, जिसमें टाइल्स पर गंदगी फैली हुई है और सिंक के नीचे का क्षेत्र पूरी तरह से अस्वच्छ है।
मरीज़ों की जान खतरे में
मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज़ों को ऐसे माहौल में रहना पड़ रहा है, जहाँ संक्रमण का खतरा हर पल मंडरा रहा है। अस्पताल वह जगह होती है जहाँ लोग बीमारी से ठीक होने आते हैं, लेकिन अस्वच्छता के इस आलम में, मरीज़ों के ठीक होने के बजाय और बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। यह अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और मानवीय संवेदनहीनता को दर्शाता है।
तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, मांग की जाती है कि:
- तत्काल सफाई: अस्पताल प्रबंधन इस क्षेत्र की प्राथमिकता के आधार पर गहन सफाई और कीटाणुशोधन सुनिश्चित करे।
- लापरवाही पर एक्शन: इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अस्पताल के प्रबंधक, संबंधित वार्ड प्रभारी, और हाउसकीपिंग सुपरवाइजर पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- जवाबदेही तय हो: भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए दैनिक सफाई की व्यवस्था की जवाबदेही तय की जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध है कि वे इस मामले को अति-गंभीरता से लें और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर मरीज़ों को एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करें।





