
संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
छत्तीसगढ़ बंद: 24 दिसम्बर प्रदेशव्यापी आंदोलन का आह्वान, धर्मांतरण और कांकेर हिंसा को लेकर ‘सर्व समाज’ का कड़ा रुख
उजाला टुडे कोंडागांव 23 दिसम्बर 2025- कोंडागांव: छत्तीसगढ़ में बढ़ती सामाजिक अशांति, जनजातीय आस्थाओं पर चोट और कथित धर्मांतरण के मुद्दों को लेकर ‘सर्व समाज’ ने कल, 24 दिसंबर 2025 को ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान किया है। संगठन ने राज्य सरकार और प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
आंदोलन की मुख्य वजह: आमाबेड़ा की घटना
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसक झड़पें और विवाद इस आंदोलन का मुख्य केंद्र हैं। सर्व समाज का आरोप है कि:
- ईसाई मिशनरियों और कन्वर्जन-प्रेरित समूहों द्वारा सोची-समझी रणनीति के तहत समाज में तनाव पैदा किया जा रहा है।
- पांचवीं अनुसूची के तहत संरक्षित जनजातीय क्षेत्रों में ‘ग्राम सभा’ की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है।
- पुलिस और प्रशासन पर ‘भीम आर्मी’ जैसे बाहरी संगठनों के दबाव में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है।
प्रशासन के खिलाफ ‘सर्व समाज’ की 5 प्रमुख मांगें
संगठन ने सरकार के सामने अपनी मांगें स्पष्ट करते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है:
- कड़ा धर्मांतरण कानून: राज्य में ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ को तत्काल और सख्ती से प्रभावी बनाया जाए।
- गिरफ्तारी की मांग: कांकेर में जनजातीय समाज पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार भीम आर्मी के सदस्यों और संबंधित समूहों पर कठोर धाराओं में कार्रवाई हो।
- अधिकारियों पर गाज: पक्षपातपूर्ण व्यवहार के आरोप में कांकेर एसपी (इंदिरा कल्याण एलेसेला), एसडीएम (ए.एस. पैकरा) और तहसीलदार (सुधीर खलखो) को तत्काल निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच बिठाई जाए।
- केस वापसी: निर्दोष जनजातीय ग्रामीणों पर दर्ज किए गए आपराधिक प्रकरणों को तुरंत रद्द किया जाए।
- मुआवजा: हिंसा और पुलिस बल प्रयोग से पीड़ित ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाए।
“शांतिपूर्ण होगा प्रदर्शन”
सर्व समाज ने स्पष्ट किया है कि यह बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होगा। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि जनजातीय आस्था और प्रदेश में कानून के शासन की रक्षा के लिए है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिए गए, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
नोट: कल होने वाले इस बंद को देखते हुए विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की संभावना है। आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक कार्यों के लिए समय पूर्व तैयारी रखें।

