एकता, आस्था और भाईचारे का अनुपम संगम : तहसील साहू समाज की 14 दिवसीय नेपाल-दार्जिलिंग यात्रा ऐतिहासिक रूप से संपन्न

उजाला टुडे न्यूज
25 जून 2026
संवाददाता फलेश्वरी ( रितु साहू)
किरंदुल । तहसील साहू समाज किरंदुल द्वारा 14 दिवसीय नेपाल, दार्जिलिंग एवं विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों की भव्य यात्रा सकुशल, सफलतापूर्वक एवं अत्यंत हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गई। यात्रा में शामिल सभी समाजजन सुरक्षित रूप से अपने गृह स्थान लौटे, जिससे पूरे समाज में खुशी और संतोष का वातावरण व्याप्त है। यह यात्रा केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज की एकता, संगठनात्मक शक्ति, आपसी प्रेम और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी। इस सफल आयोजन तहसील साहू समाज के नई पीढ़ी को जोड़ने तथा सामाजिक गतिविधियों को निरंतर गति देने में अत्यंत सराहनीय सराहनीय कदम है। यह यात्रा समाज के इतिहास में एक यादगार और प्रेरणादायी अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
यात्रा के दौरान समाजजनों ने नेपाल एवं दार्जिलिंग के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व वाले स्थलों का दर्शन कर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किया। दार्जलिंग की मनोरम वादियाँ, प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था के केंद्र और विविध सांस्कृतिक परंपराओं ने यात्रियों को भावविभोर कर दिया। इस यात्रा ने न केवल मनोरंजन और पर्यटन का अवसर प्रदान किया, बल्कि समाज के लोगों को ज्ञान, अनुभव और नई सोच से भी समृद्ध किया।यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष समाज के सदस्यों के बीच बढ़ी आत्मीयता और भाईचारा रहा। 14 दिनों तक एक परिवार की तरह साथ रहकर समाजजनों ने परस्पर सहयोग, अनुशासन, प्रेम और सद्भाव का अनुपम परिचय दिया। वरिष्ठजनों के अनुभव, युवाओं का उत्साह और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ने इस यात्रा को और अधिक सफल एवं यादगार बना दिया। इससे समाज के भीतर संगठनात्मक एकता और सामाजिक समरसता को नई मजबूती मिली।इस विशाल यात्रा को सफल बनाने में वाहन चालक, परिचालक, रसोइयों एवं भोजन व्यवस्था में लगे सभी सहयोगियों का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनकी निष्ठा, सेवा भावना, धैर्य और समर्पण के कारण पूरी यात्रा व्यवस्थित एवं सुखद रही। उनके अमूल्य सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए तहसील साहू समाज द्वारा उन्हें श्रीफल, शॉल एवं सम्मान स्वरूप भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा आत्मीय विदाई दी गई। ऐसी यात्राएँ केवल दर्शनीय स्थलों के भ्रमण का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने तथा संगठन को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम भी होती हैं। इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता, आत्मविश्वास और सामूहिक भावना का विकास करते हैं, जिससे सामाजिक विकास को नई दिशा मिलती है।यात्रा की सफलता पर अध्यक्ष श्री टीकम साहू ने सभी यात्रियों,पदाधिकारियों, सहयोगियों एवं व्यवस्था में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी एकता, संगठन और आपसी विश्वास है। जब पूरा समाज एक परिवार की तरह मिलकर कार्य करता है, तब हर लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है। आने वाले समय में भी समाज हित में ऐसे रचनात्मक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।”तहसील साहू समाज परिवार के यात्रा में शामिल सभी समाजजनों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि समाज की यह एकजुटता भविष्य में भी नई उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगी। साथ ही सभी यात्रियों एवं सहयोगियों को सफल यात्रा की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सुखमय और समृद्ध भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
