जनसेवा और पत्रकारिता का गौरवशाली संगम : मनोनीत पार्षद सुनीता साहू का बैलाडीला प्रेस क्लब ने किया भव्य सम्मान

उजाला टुडे न्यूज 26 जुलाई 2026
संवाददाता फलेश्वरी (रितु साहू)
किरंदुल। जनसेवा के क्षेत्र में एक नई जिम्मेदारी संभालने वाली नगर पालिका परिषद किरंदुल की मनोनीत पार्षद एवं बैलाडीला प्रेस क्लब की सक्रिय सदस्य सुनीता साहू का शपथ ग्रहण के उपरांत बैलाडीला प्रेस क्लब द्वारा गरिमापूर्ण एवं आत्मीय सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शाल, श्रीफल तथा प्रेस क्लब का प्रतीक चिन्ह भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
यह सम्मान पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़े उस व्यक्तित्व का था, जिसने हमेशा सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी है। बैलाडीला प्रेस क्लब परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि सुनीता साहू अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ करेंगी तथा नगर के विकास और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारिता समाज का सशक्त दर्पण है और जब इसी क्षेत्र से जुड़ा कोई सदस्य जनप्रतिनिधि बनता है तो समाज की अपेक्षाएं और भी बढ़ जाती हैं। उन्हें विश्वास है कि सुनीता साहू जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु बनकर नगर के विकास को नई दिशा देंगी।
सम्मान समारोह के दौरान बैलाडीला प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेंद्र सक्सेना, सचिव अरुण शर्मा, कार्यालय सचिव शेखर दत्ता, उपाध्यक्ष रघु राव, तपन दास सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ, शाल एवं श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया और सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं दीं।
सम्मान से अभिभूत सुनीता साहू ने बैलाडीला प्रेस क्लब के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने कहा कि नगर की जनता ने जो विश्वास व्यक्त किया है, उस पर खरा उतरने का वे हरसंभव प्रयास करेंगी। जनहित, विकास और पारदर्शी कार्यशैली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगरवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना ही उनका संकल्प रहेगा।
“सम्मान तभी सार्थक होता है, जब वह नई जिम्मेदारियों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा दे।” इसी भावना के साथ बैलाडीला प्रेस क्लब द्वारा किया गया यह सम्मान समारोह आत्मीयता, गौरव और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बन गया।
