संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
लोकगायक सिद्धार्थ महाजन को मिला ‘लोकधरा गौरव सम्मान 2026’, बस्तर अंचल के कलाकारों का भी हुआ सम्मान
- छत्तीसगढ़ प्रदेश लोक कलाकार कल्याण संघ के वार्षिक अलंकरण समारोह में जुटे हजारों कलाकार
- कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और कला जगत की हस्तियों ने की शिरकत
उजाला टुडे कोंडागांव 03 सितंबर 2026-कोंडागांव:छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोकगायक सिद्धार्थ महाजन को ‘लोकधरा गौरव सम्मान 2026’ से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश लोक कलाकार कल्याण संघ द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय वार्षिक लोक कला अलंकरण समारोह में प्रदान किया गया।
जिले के इन कलाकारों को भी मिला सम्मान
समारोह में कोंडागांव जिले के बड़े राजपुर क्षेत्र के कलाकार लोकेश गंधर्व, प्रदीप पठारी, सुरेंद्र कोरराम सहित कोटपाड़ के मांदरी ग्रुप के कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। सम्मान प्रमाण-पत्र में कलाकारों द्वारा लोक संगीत, नृत्य, रंगकला एवं लोक साहित्य के प्रचार-प्रसार में किए गए उत्कृष्ट योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। सिद्धार्थ महाजन को यह सम्मान मुख्य रूप से लोकगायन के क्षेत्र में उनकी सक्रियता के लिए दिया गया है।
मंच पर मौजूद रहे दिग्गज
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) विशेषर सिंह पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष गुरुदास मानिकपुरी ने की। छत्तीसगढ़ फिल्म निगम की अध्यक्ष मोना सेन भी कलाकारों का उत्साहवर्धन करने पहुंचीं। इसके अलावा प्रसिद्ध लोकगायिका आरू साहू सहित छत्तीसगढ़ी सिनेमा और कला जगत के कई प्रमुख चेहरे कार्यक्रम में शामिल हुए।
बस्तर की संस्कृति को देश भर में पहुंचाना लक्ष्य: सिद्धार्थ महाजन
सम्मान प्राप्ति के बाद लोकगायक सिद्धार्थ महाजन ने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि बस्तर की माटी, समृद्ध लोकसंस्कृति और यहां के लोक कलाकारों की मेहनत का सम्मान है। बस्तर के पारंपरिक लोकगीतों, नृत्यों और आदिवासी विरासत को राष्ट्रीय मंचों तक स्थापित करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।”
सिद्धार्थ महाजन और जिले के अन्य कलाकारों को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर अंचल के कला प्रेमियों, सांस्कृतिक संगठनों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।




