संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
शिक्षकों के भविष्य और अधिकारों पर आर-पार की लड़ाई: 22 अगस्त को कोण्डागांव में छत्तीसगढ़ के समस्त शिक्षक संगठनों का ‘महाजुटान’
उजाला टुडे कोंडागांव 13 अगस्त 2026-कोण्डागांव छत्तीसगढ़ के एल.बी. संवर्ग सहित समस्त शिक्षक संगठनों के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शिक्षकों की लंबित मांगों, भविष्य की सुरक्षा और प्रशासनिक शोषण के खिलाफ आगामी 22 अगस्त 2026 को कोण्डागांव जिले में प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों के प्रांतीय अध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों की एक ऐतिहासिक संयुक्त प्रांतीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस महाबैठक में सरकार के खिलाफ एक उग्र और निर्णायक आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
यह महत्वपूर्ण निर्णय कोण्डागांव के पुराने रेस्ट हाउस में आयोजित जिले के समस्त शैक्षिक संगठनों एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संगठन की एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
शिक्षकों के सामने खड़ी 4 बड़ी चुनौतियाँ
बैठक के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वर्तमान में शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन मिल रहा है, लेकिन उनका भविष्य अब भी अनिश्चितता के बादलों से घिरा हुआ है। वर्तमान में शिक्षकों के समक्ष मुख्य रूप से ये गंभीर संकट खड़े हैं:
- टीईटी (TET) अनिवार्यता का खतरा: 20 से 25 वर्षों की निष्ठावान सेवा दे चुके शिक्षकों पर अब टीईटी पास करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे नौकरी जाने की तलवार लटक रही है।
- पेंशन और भविष्य की अनिश्चितता: पुरानी पेंशन योजना (OPS) और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों को लेकर स्थिति स्पष्ट न होना।
- वेतन विसंगति का दंश: सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी वेतन विसंगति की समस्या का आज तक समाधान न हो पाना।
- प्रशासनिक शोषण: सरकार और विभाग के नए-नए नियमों के कारण शिक्षकों का लगातार मानसिक और प्रशासनिक उत्पीड़न।
‘एक मंच, एक लड़ाई’: एकजुटता से ही मिलेगी सफलता
बैठक में वक्ताओं ने माना कि अलग-अलग धड़ों में बंटकर किए गए आंदोलनों से ठोस परिणाम नहीं मिल सके हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब राज्य के सभी शिक्षक संगठन एक मंच पर आए हैं, तब-तब सरकार को झुकना पड़ा है। इसी ऐतिहासिक एकजुटता को पुनर्जीवित करने के लिए कोण्डागांव के शैक्षिक संगठनों ने यह अनूठी पहल की है।
“एल.बी. संवर्ग का समस्याओं से हमेशा चोली-दामन का साथ रहा है। अगर अब भी हम एक मंच पर आकर नहीं लड़े, तो शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा असंभव हो जाएगी। 22 अगस्त की बैठक राज्य के शिक्षक आंदोलन को एक नई दिशा देगी।”
— कोण्डागांव शैक्षिक संगठन प्रतिनिधि
प्रारंभिक बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद
रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित इस प्रारंभिक बैठक में प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए:
- प्रांतीय नेतृत्व: रामचंद्र सोमवंशी (कार्यकारी प्रांताध्यक्ष), यशवंत देवांगन (प्रांतीय महासचिव)।
- जिला एवं संगठन नेतृत्व: सुभाऊ नेताम (जिला अध्यक्ष, छग संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संघ), निर्मल शार्दूल (अध्यक्ष, छग शिक्षक संघ), मन्नाराम नेताम (टीचर एसोसिएशन), कौशल नेताम (जिला अध्यक्ष, छग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ), श्रीमती नेमी पांडे एवं अरुण दीवान (सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन)।
- विशेष उपस्थिति: रामदेव कौशिक, शोएब अली, कमलेश साहू, अशोक साहू, मयाराम उईके, राजू दीवान, सुकमन नेताम, श्रीमती दीपिका कुंजाम, उपेंद्र कोमा, बुधरु मण्डावी, महेश पटेल, अमिताभ मिश्रा, रामलाल नेताम, मिट्ठू राम मांझी और महेंद्र सोना।
ऐतिहासिक महाबैठक में शामिल होने की अपील
कोण्डागांव के समस्त शैक्षिक संगठनों ने प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों, प्रांतीय अध्यक्षों और सभी कैडर के शिक्षकों से अपील की है कि वे 22 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में कोण्डागांव पहुंचकर इस ‘महाजुटान’ को सफल बनाएं और अपने हक व अधिकारों की रक्षा के लिए चट्टानी एकजुटता का परिचय दें।




